प्रीति जिंटा ने ‘बंटवारा 1947’ में सिर्फ खाना बनाया और सफाई की: ‘उस समय महिलाओं का कोई करियर नहीं होता था’

प्रीति जिंटा अपने अमेरिकी पति जीन गुडइनफ के साथ लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में अपने जुड़वा बच्चों का पालन-पोषण करते हुए बेहद खुश थीं, तभी उन्हें ‘दिल चाहता है’ के अपने सह-कलाकार आमिर खान का फोन आया। जब उन्होंने प्रीति को अपने प्रोडक्शन की एक फिल्म ऑफर की, तो यह कोई हैरानी की बात नहीं थी। एक दशक पहले शादी करके अमेरिका बसने के बाद से ही उन्हें फिल्मों के ऑफर मिल रहे थे, लेकिन वह कोई काम नहीं स्वीकार कर रही थीं। हालांकि, इस बार आमिर ने एक ऐसा नाम लिया जो लंबे समय से प्रीति की विशलिस्ट (इच्छा-सूची) में था — राजकुमार संतोषी।

प्रीति जिंटा की बॉलीवुड में वापसी कैसे हुई

घायल (1990), दामिनी (1993), घातक (1996), पुकार (2000), लज्जा (2001), द लीजेंड ऑफ भगत सिंह (2002) और खाकी (2004) जैसे दमदार ड्रामा के लिए पहचाने जाने वाले फिल्म निर्माता राजकुमार संतोषी मजबूत महिला किरदारों को गढ़ने के लिए भी उतने ही मशहूर रहे हैं। चाहे ‘पुकार’ में माधुरी दीक्षित हों, ‘लज्जा’ में रेखा और महिमा चौधरी हों या फिर ‘खाकी’ में ऐश्वर्या राय—इन सभी महिला पात्रों ने पुरुषों की मुख्य भूमिका वाली ब्लॉकबस्टर फिल्मों में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई।

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