हरियाणा संभावनाओं, क्षमताओं और समृद्धि की भूमि – मनोहर लाल

चंडीगढ़, 11 जनवरी – मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने हरियाणा को संभावनाओं, क्षमताओं और समृद्धि की भूमि बताते हुए उद्यमियों को राज्य में निवेश पर विचार करने का निमंत्रण दिया।

श्री मनोहर लाल आज गुजरात के गांधीनगर में चल रहे 10वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 के दौरान इंडो-अफ्रीकन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सेमिनार में बोल रहे थे।

हरियाणा के लोगों की ओर से दुनियाभर के उद्यमियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अपनी रणनीतिक नीतियों और राष्ट्रीय राजधानी से निकटता के कारण वैश्विक निवेश को आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक परिवर्तन में, प्रतिभा महत्व पूंजी से आगे निकल जाएगा, जिससे उच्च कौशल, अस्थायी रोजगार की ओर बदलाव आएगा। उन्होंने नौकरी चाहने वालों से नौकरी देने वालों में बदलाव की कल्पना करते हुए मानव पूंजी विकास और आर्थिक विकास में समानांतर निवेश की आवश्यकता पर बल दिया।

सेमिनार के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नए संघ, ‘हरियाणा-अफ्रीका टाईज़’ की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में पारंपरिक विनिर्माण के महत्व पर भी प्रकाश डाला और उभरते हुए रोजगार की मांगों को पूरा करने के लिए शिक्षा और कौशल विकास नीतियों में तेजी से बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया इस समय नई प्रौद्योगिकियों और डिजिटल इंटरफेस से प्रेरित होकर परिवर्तन के चौराहे पर है। उन्होंने इस परिवर्तन की दोहरी प्रकृति को स्वीकार किया, जिससे अवसर और चुनौतियाँ दोनों सामने आईं। विकास और प्रगति में लोगों और मानवीय मूल्यों की केंद्रीयता पर जोर देते हुए उन्होंने अफ्रीका और हरियाणा जैसे राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं पर दूरगामी प्रभाव पैदा करने के लिए प्रभावशाली पारस्परिक सहभागिता का आह्वान किया।

श्री मनोहर लाल ने शिक्षा और कौशल विकास दृष्टिकोण में बदलाव की तात्कालिकता को दोहराया। युवा गतिशील भविष्य के लिए तैयार रहेें। ‘हरियाणा-अफ्रीका टाईज’ एसोसिएशन का उद्देश्य आपसी विकास के सहयोग को बढ़ावा देना और एक मंच तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा संभावानाओं वाला प्रदेश है सिक्ल मैन पावर तैयार करने के लिए श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, हरियाणा शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य हमारे युवाओं को प्रासंगिक तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रदान करना और उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि तकनीकी क्षेत्र में जिस तेजी से बदलाव आ रहे हैं, कम से कम उन्हें उसी गति से पाठ्यक्रमों में जगह मिल सके। इस औद्योगिक क्रांति में पूंजी से ज्यादा महत्व उच्च कौशल वाली प्रतिभा का होगा, इसलिए हमें आर्थिक विकास की तरह मानव पूंजी के विकास पर भी समान रूप से ध्यान केंद्रित करने और निवेश करने की आवश्यकता है। नए अवसरों का उचित उपयोग ही नौकरी चाहने वालों को नौकरी निर्माता भी बना सकता है।

उन्होंने कहा कि पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही वर्तमान सरकार का मुख्य ध्येय है। डिजिटल युग में सामाजिक सुरक्षा लाभों की पोर्टेबिलिटी कुशल और रोजगार योग्य श्रमिकों की गतिशीलता सुनिश्चित करेगी। नागरिकों के लिए योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा में पीपीपी आईडी बनाई है जिससे आज प्रदेश के लोगों को घर बैठे सरकारी योजनाओं का लाभ सुलभ हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यवसाय या आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ मानवीय तत्व पर भी विचार करना है।

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