“नौजवान नशों से नहीं, खेलों और शिक्षा से जुड़ें, तभी बनेगा विकसित भारत – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी”

“मुख्यमंत्री ने कहा- हर थाना बनेगा नशा मुक्त समाज का प्रहरी, जन भागीदारी से चलेगी व्यापक मुहिम”
“‘ड्रग्स मुक्त हरियाणा’ को मिलेगा जन आंदोलन का रूप, हर स्तर पर बनेगी नशा मुक्ति टास्क फोर्स”
“मुख्यमंत्री ने हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में आयोजित ‘एक पुलिस, एक संकल्प – ड्रग्स मुक्त हरियाणा’ कार्यक्रम में की शिरकत”

चंडीगढ़, 18 जुलाई:( प्रेस की ताकत)

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज, संस्कारों और मानवता की रक्षा का अभियान है। उन्होंने कहा कि नशा अनगिनत परिवारों को बर्बाद कर रहा है और युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। ऐसे में जन भागीदारी (पब्लिक पार्टिसिपेशन) के जरिए इसे एक जन आंदोलन का रूप देना समय की मांग है।
मुख्यमंत्री शनिवार को करनाल स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में आयोजित “एक पुलिस, एक संकल्प – ‘ड्रग्स मुक्त हरियाणा'” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। हरियाणा पुलिस के सभी थाना प्रभारियों (एसएचओ) के साथ आयोजित इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के संकल्प को और मजबूत करना तथा इस दिशा में एक प्रभावी रणनीति तैयार करना था।

सुपर-100 के 70 विद्यार्थियों को दी बधाई मुख्यमंत्री ने नीट (NEET) परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले ‘सुपर-100’ कार्यक्रम के 70 विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इन बच्चों का मेडिकल कॉलेजों में दाखिला सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर और साधारण परिवारों से आते हैं। उनकी यह सफलता सरकार द्वारा प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों का परिणाम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की त्रैमासिक (क्वार्टरली) मैगजीन का भी विमोचन किया। इस मैगजीन में विदेशों से वापस लाए गए अपराधियों सहित विभाग की प्रमुख उपलब्धियों और महत्वपूर्ण अभियानों का विवरण दिया गया है।

हर थाना सामाजिक बदलाव का केंद्र बने मुख्यमंत्री ने कहा कि हर थाना सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रहे, बल्कि वह सामाजिक बदलाव का केंद्र बने। थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs), धार्मिक संगठनों और युवा मंडलों के साथ नियमित संवाद स्थापित करें और युवाओं को नशे व अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि आज नशे का कारोबार आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और संगठित अपराध के जरिए युवाओं तक पहुंच रहा है। इसलिए पुलिस को भी आधुनिक तकनीक के अनुसार सतर्क, सक्रिय और सक्षम बनना होगा। सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना जरूरी है। साथ ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करना भी उतना ही आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता, संवेदनशीलता और पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। जब पुलिस, परिवार, शिक्षक, डॉक्टर, सामाजिक संगठन, मातृशक्ति और युवा शक्ति एकजुट होकर काम करेंगे, तभी ‘नशा मुक्त हरियाणा’ का लक्ष्य साकार होगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। हरियाणा को खेलों का हब बनाना है, ताकि युवा नशे के जाल में फंसने के बजाय मैदान में उतरकर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतें। स्वस्थ, अनुशासित और खेल संस्कृति से जुड़े युवा ही ‘विकसित भारत’ के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बनेंगे।हर स्तर पर बनेगी नशा मुक्ति टास्क फोर्स मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जिला, सब-डिवीजन, ब्लॉक, गांव और वार्ड स्तर तक ‘नशा मुक्ति टास्क फोर्स’ का गठन करेगी। इसमें जनप्रतिनिधि, थाना प्रभारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, युवा व महिला मंडल, केमिस्ट एसोसिएशन और समाज के बुद्धिजीवी नागरिकों को शामिल किया जाएगा, ताकि नशे के खिलाफ एक व्यापक सामाजिक मुहिम चलाई जा सके।

उन्होंने थाना प्रभारियों से ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि यदि हर थाना प्रभारी यह संकल्प ले ले कि वह अपने क्षेत्र में नशे का कारोबार नहीं होने देगा, तो नशा माफिया के लिए हरियाणा में कोई जगह नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी सेवा, अनुशासन और देशभक्ति का प्रतीक है और इसका सम्मान हर हाल में सर्वोच्च रहना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं का स्वस्थ, जागरूक, नशा मुक्त और खेलों से जुड़ा होना अनिवार्य है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे ‘नशा मुक्त हरियाणा’ अभियान को जन-जन का अभियान बनाकर राज्य के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
पुलिस अधिकारियों की मांगों पर मुख्यमंत्री की घोषणाएं:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पुलिस अधिकारियों के साथ संवाद के दौरान विभाग से जुड़े विभिन्न सुझावों और मांगों पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
जांच बजट में बढ़ोतरी: तफ्तीश (इन्वेस्टिगेशन) हेड के तहत उपलब्ध राशि को बढ़ाकर ₹10 करोड़ किया जाएगा, ताकि नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जांच अधिकारियों (IOs) को आवश्यक साधन और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
नई पुरस्कार नीति: नशा तस्करों के खिलाफ उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए एनडीपीएस (NDPS) मामलों में हरियाणा की एक अलग पुरस्कार नीति (रिवॉर्ड पॉलिसी) तैयार की जाएगी। इसके लिए अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर हरियाणा के अनुकूल पॉलिसी बनाई जाएगी।
सॉफ्टवेयर आधारित ट्रैकिंग: ‘ड्यूल पर्पज ड्रग्स’ (ऐसी दवाएं जिनका इस्तेमाल इलाज के साथ-साथ नशे के लिए भी किया जाता है) के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक सॉफ्टवेयर-आधारित एंड-टू-एंड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके तैयार होने तक सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
ग्रुप-डी कर्मचारियों का प्रबंधन: ग्रुप-डी कर्मचारियों के कार्यों के बेहतर प्रबंधन के लिए सरकार एक सॉफ्टवेयर विकसित करने पर विचार कर रही है, जिससे कर्मचारियों की योग्यता और कौशल (स्किल्स) के अनुसार उनकी ड्यूटी सुनिश्चित की जा सके।

स्वास्थ्य और पुनर्वास सुविधाएं: पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सा अधिकारियों (मेडिकल ऑफिसर्स) की प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग को राज्य के हर जिले में आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र’ स्थापित करने के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाएंगे, जिसमें संवेदनशील जिलों को प्राथमिकता मिलेगी।
अपराधियों के महिमामंडन पर रोक: गैंगस्टरों और अपराधियों के महिमामंडन (ग्लोरिफिकेशन) पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के प्रतिनिधियों और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे, जिसके बाद आवश्यक एडवाइजरी जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा।
सर्वश्रेष्ठ थाना प्रभारियों को सम्मान: मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जो थाना प्रभारी अपने क्षेत्र को प्रभावी ढंग से नशा मुक्त बनाने में सफल होगा, सत्यापन (वेरिफिकेशन) के बाद उसे सरकार की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से थाना प्रभारियों में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा (हेल्दी कॉम्पिटिशन) बढ़ेगी।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अजय सिंघल ने कहा कि विभाग द्वारा नशा तस्करों के खिलाफ पूरे राज्य में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस न केवल तस्करों पर नकेल कस रही है, बल्कि जन जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत भी कर रही है।
इस कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री योगेंद्र राणा, करनाल की मेयर श्रीमती रेनूबाला गुप्ता, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, हरियाणा पुलिस अकादमी (मधुबन) की निदेशक श्रीमती कला रामचंद्रन, हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो (Enforcement Bureau) के पुलिस महानिदेशक श्री नवदीप सिंह विर्क, श्री पंकज नैन सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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