मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने की मुलाकात, मांगों पर बनी सहमति

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात के बाद शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल और कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण बेदी के साथ सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों की बैठक हुई और उनकी मांगों पर सहमति बनी।

बैठक के दौरान सफाई कर्मचारियों को एकमुश्त वर्दी भत्ते के स्थान पर 440 रुपये प्रति माह वर्दी भत्ता दिए जाने पर सहमति बनी है। समान काम-समान वेतन और एरियर की जो मांग थी, उसका पात्र कर्मचारियों को भुगतान किया जा चुका है। मांग के अनुसार, पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को निर्देशों के तहत LTC का लाभ दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों और सीवरमेन (नियमित, पालिका रोल और HKRNL) का स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से हर साल नगर निगम/नगर निकाय के खर्च पर मेडिकल चेकअप कराने संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं।

वहीं, सरकारी कर्मचारियों पर लागू मेडिकल कैशलेस नीति का लाभ नगर निगमों के रेगुलर कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को भी देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसके अलावा, पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों को 2,000 रुपये प्रति माह जोखिम भत्ता देने के संबंध में विभाग द्वारा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। रेगुलर कर्मचारियों को भी जोखिम भत्ता देने पर सहमति बनी है।

बैठक में काम के दौरान मृत्यु की स्थिति में पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों (सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और सफाई दरोगा / हेड सीवरमैन) के लिए ‘मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना बीमा योजना’ के तहत मिलने वाले लाभ को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने की सैद्धांतic मंजूरी बनी है।

इसके अलावा, एसबीआई (SBI) बैंक में बचत खाता खुलवाने वाले पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमेन को बैंक द्वारा दुर्घटना में मृत्यु और स्थाई दिव्यांगता पर 50 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये की राशि देने पर सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना—चिरायु में पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमेन को शामिल करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। 9,203 रुपये प्रति वर्ष प्रति कर्मचारी प्रीमियम का भुगतान संबंधित नगर निकाय द्वारा किया जाएगा।

बैठक में एक कैलेंडर वर्ष में कुल 20 मेडिकल अवकाश (छुट्टियां) देने और योग्य सफाई कर्मचारियों व सीवरमेन को क्लर्क (ग्रुप सी) के पदों पर पदोन्नति (प्रमोशन) के लिए संबंधित सेवा नियमों में संशोधन करने की सैद्धांतिक मंजूरी भी मिली है। पालिका रोल पर कार्यरत सीवरमेन के वेतन में 2,100 रुपये की वृद्धि करने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों और सीवरमेन को निर्धारित न्यूनतम वेतन तथा पात्र कर्मचारियों को ESI और EPF का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में सीवरमैन और सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए सरकार द्वारा प्रक्रिया निर्धारित करने के बाद एक महीने में चयन के मानदंड तय करके 15 दिनों में विज्ञापन जारी करने पर सहमति बनी है। मानदंड समिति में यूनियन का एक प्रतिनिधि भी सदस्य होगा। रिक्त पदों पर भर्ती समय-समय पर जारी रहेगी।

नियमित कर्मचारियों के निलंबन (सस्पेंशन) को बहाल किए जाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, सेवा से हटाए गए पालिका रोल/HKRNL कर्मचारियों को पुनः सेवा में लेने पर भी सहमति बनी है। दर्ज केस वापस लेने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। हड़ताल की अवधि के दिनों का समायोजन (Adjustment) अतिरिक्त काम करके किया जाएगा। बैठक में यह भी सहमति बनी कि जॉब सिक्योरिटी एक्ट के तहत मृत्यु के बाद परिवार को नौकरी और ग्रेच्युटी का प्रावधान है, जो प्रदान किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त, हरियाणा फायर विभाग कर्मचारी यूनियन के साथ भी बैठक हुई, जिसमें उनकी मांगों पर भी सैद्धांतिक सहमति बनी है। यूनियन की मांग थी कि फायर विभाग के शहीद भावीचंद शर्मा और रणबीर के परिजनों को बकाया राशि दी जाए और नियमित नौकरी दी जाए। यूनियन द्वारा प्रत्येक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये की मांग की गई थी।

सरकार द्वारा श्री भावीचंद शर्मा के परिवार को 60 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, जिनमें से 20 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से, 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना से और 30 लाख रुपये एम.ओ.यू. (MoU) के तहत बैंक ऑफ महाराष्ट्र की ओर से दिए गए हैं।

श्री रणबीर के परिवार को 30 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, जिनमें से 20 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से और 10 लाख रुपये मुख्यमंत्री कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना से दिए गए हैं। बकाया 20 लाख रुपये जल्द दे दिए जाएंगे। इसके अलावा, ऐसी दुर्घटना में किसी की मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये देने संबंधी नीति बनाने पर भी सरकार ने मंजूरी दी है।

दोनों दिवंगत कर्मचारियों के परिवार में से किसी भी व्यक्ति द्वारा अनुकंपा (Compassionate ground) के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यूनियन की एक अन्य मांग थी कि फायर पे-रोल के कर्मचारियों को पक्का किया जाए। इस पर सहमति बनी कि फायर ऑपरेटर-कम-ड्राइवर के रिक्त पदों पर भर्ती के मानदंड 45 दिनों में बनाकर अगले 15 दिनों के भीतर विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा मानदंड समिति में एक सदस्य यूनियन का प्रतिनिधि भी होगा।

इसके साथ ही 5,000 रुपये जोखिम भत्ता और 7,500 रुपये वार्षिक वर्दी भत्ता दिया जाएगा। रेगुलर कर्मचारियों का हड़ताल के कारण सर्विस ब्रेक नहीं होगा। पे-रोल कर्मचारियों की हड़ताल की अवधि को एक्स्ट्रा ड्यूटी लीव (Extra Duty Leave) के एवज में समायोजित किया जाएगा।

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