ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को नायब सरकार का बड़ा तोहफा – मानदेय, भत्तों और कल्याणकारी सुविधाओं में बढ़ोतरी

हरियाणा सरकार ने पूरे राज्य के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी फैसले लिए हैं। ये फैसले 29 मई, 2026 को ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में उठाई गई मांगों को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। इस संबंध में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक द्वारा पत्र जारी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार और सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी द्वारा सफाई कर्मचारियों और सरकार के बीच एक कड़ी के रूप में लगातार मांगों को पूरा करवाने के प्रयास किए जा रहे थे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी भी सफाई कर्मचारियों की मांगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाए हुए थे, जिसके चलते सरकार ने सफाई कर्मचारियों के हित में तुरंत निर्णय लिया और इस संबंध में पत्र भी जारी कर दिया गया है।

सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के बढ़े हुए मानदेय की जनवरी 2026 से बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। जनवरी 2026 से 30 जून, 2026 तक मानदेय में 2,100 रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 16,000 रुपये से बढ़ाकर 18,100 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके साथ ही अक्टूबर 2023 की हड़ताल की अवधि के दौरान जिन पात्र ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान नहीं हुआ था, उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद बकाया मानदेय जारी किया जाएगा। इनमें ढांड के 48, फर्रुखनगर के 54, सिहमा के 25 और निजामपुर के 15 ग्रामीण सफाई कर्मचारी शामिल हैं।

सरकार ने गांव से बाहर ड्यूटी पर लगाए जाने वाले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को भी राहत प्रदान की है। ऐसे कर्मचारियों को 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) कार्यालय द्वारा पेट्टी कैश (पेट्टी कैश फंड) में से दिया जाएगा।

ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के वार्षिक वर्दी भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। वर्दी भत्ता 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। इसी तरह धुलाई भत्ते में 500 रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है।

ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति:

ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सरकार ने प्रावधान किया है कि यदि किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।

इसके अलावा, मृतक ग्रामीण सफाई कर्मचारी के परिवार को ईपीएफ/ईएसआई से संबंधित मृत्यु दावा (डेथ क्लेम) प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी बीडीपीओ कार्यालय मदद करेगा। इसका उद्देश्य परिवार को जरूरी कागजी कार्रवाई में सहायता देना और निजी एजेंसियों द्वारा किसी भी प्रकार के शोषण की संभावना को रोकना है।

7 तारीख तक मानदेय नहीं मिलने पर 500 रुपये का जुर्माना:

सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को समय पर मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान अनिवार्य रूप से करना होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो संबंधित स्तर पर 500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

हरियाणा सरकार के इन फैसलों से राज्य के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ उनके काम से जुड़ी सुविधाओं में भी महत्वपूर्ण राहत मिलेगी। सरकार के इन कदमों से ग्रामीण सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की कार्य स्थितियों में सुधार और उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस पहल हुई है।

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