हरियाणा सरकार ने ‘आईडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से समाधान’ की अवधारणा को साकार करने तथा अकादमिक अनुसंधान, नवाचार और प्रशासनिक आवश्यकताओं के बीच प्रभावी पुल स्थापित करने की दिशा में अहम पहल की है। इसके तहत ‘हरियाणा नेटवर्क फॉर एकेडमिक विज़न, एप्लाइड क्रिएटिविटी एंड होलिस्टिक एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च (नवाचार) योजना’ तैयार की गई है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की पहली जनरल बॉडी बैठक में योजना पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया और इसे सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। बैठक में एजेंडे के विभिन्न बिंदुओं पर क्रमानुसार चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए।
नवाचार योजना का उद्देश्य राज्य की विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं नवाचार क्षमता को वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना है, ताकि ऐसे अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सके, जिनके परिणामों का उपयोग नीतियों के निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जा सके। योजना के तहत यदि कोई विद्यार्थी नई तकनीक, समाधान या ऐसा आईडिया पेश करता है, जो राज्य की किसी वास्तविक समस्या के समाधान में उपयोगी हो सकता है, तो उसके विचार को प्रोटोटाइप और समाधान के रूप में विकसित करने के लिए सरकार की ओर से सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत अनुसंधान प्रोजेक्ट्स को ‘लैब से फील्ड और फील्ड से नीति’ की अवधारणा के अनुकूल आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में विकसित ज्ञान, तकनीक और नवाचार को वास्तविक परिस्थितियों में परखना और सफल परिणामों को सरकारी विभागों तथा आम जनता के हित में उपयोगी बनाना है।
नवाचार योजना के तहत अनुसंधान प्रोजेक्ट्स को राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों और पहलों के अनुकूल प्रोत्साहित किया जाएगा। इनमें विकसित हरियाणा@2047, सतत विकास लक्ष्य (SDGs), डिजिटल गवर्नेंस, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, टिकाऊ कृषि, शहरी प्रबंधन और सामाजिक-आर्थिक समावेश जैसे मुख्य विषय शामिल होंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार की आवश्यकताओं के अनुकूल नए और उभरते विषयों पर भी अनुसंधान प्रोजेक्ट लिए जा सकेंगे, ताकि बदलती प्रशासनिक, तकनीकी और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुकूल विशेषज्ञ ज्ञान और नए समाधान उपलब्ध हो सकें।
राज्य की यूनिवर्सिटी और शोधकर्ता होंगे योजना के मुख्य भागीदार:
नवाचार योजना के तहत हरियाणा में स्थित योग्य विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों को राज्य की पहलों से जुड़े विषयों पर अनुसंधान प्रोजेक्ट पेश करने का अवसर मिलेगा। शुरुआती जांच और मूल्यांकन के बाद चुने गए प्रस्तावों को विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए 1 लाख रुपये तक की शुरुआती सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके बाद संबंधित विभाग के तालमेल से तैयार DPR को प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक अंतिम वित्तीय मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इससे हरियाणा में अनुसंधान और नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ शासन को डेटा, तकनीक और अकादमिक विशेषज्ञता पर आधारित नए और व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
नवाचार और अनुसंधान को ज़मीनी समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाया जाए:
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नवाचार और अनुसंधान को केवल अकादमिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए उन्हें ज़मीनी समस्याओं के व्यावहारिक और स्थायी समाधान से जोड़ा जाए। ऐसा अनुसंधान किया जाना चाहिए, जिससे समाज और राज्य के सामने मौजूद वास्तविक चुनौतियों का प्रभावी समाधान विकसित हो सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के विभिन्न अनुसंधान संस्थानों और विशेषज्ञ संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करते हुए एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशें। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऐसे क्षेत्रों में भूजल (भूमिगत पानी) की गुणवत्ता पर अनुसंधान किया जाए और ऐसी तकनीक विकसित करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए, जिससे अप्रयुक्त या गैर-पेयजल को उपयोगी बनाया जा सके या आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया के माध्यम से उसे पीने योग्य बनाने का समाधान विकसित किया जा सके।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अनुसंधान की गुणवत्ता और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। अनुसंधान ऐसा हो, जिससे किसी एक विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता और मजबूत क्षमता विकसित हो सके तथा भविष्य में उस क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। अनुसंधान का अंतिम उद्देश्य समाज को लाभ पहुंचाना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। इसलिए सरकार, अनुसंधान संस्थानों, विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और निजी क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा राज्य इनोवेशन मिशन के तहत गूगल इंडिया, आई.आई.टी. दिल्ली, एन.आई.टी. कुरुक्षेत्र सहित अन्य मुख्य विशेषज्ञ संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किए गए हैं। इन संस्थाओं के सहयोग से आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) के बेहतर उपयोग, स्टार्टअप्स की मेंटरिंग, तकनीकी सहयोग और अन्य जरूरी लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे राज्य में विकसित हो रहे नए विचारों और नवाचारों को प्रोटोटाइप से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक समाधान के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती जी अनुपमा, उच्चतर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री ए के सिंह, फ्यूचर विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, क्रिड विभाग के आयुक्त व सचिव श्री जे गणेशन, फ्यूचर विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी. डॉ. राज नेहरू, श्री वीरेंद्र बड़खालसा सहित अन्य अधिकारी तथा सोसाइटी के सदस्य व गैर-सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे।
खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का अवसर देते हैं – राव नरबीर सिंह
रामा अत्रे महिला टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का कैबिनेट मंत्री ने किया उद्घाटन हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना के साथ आगे बढ़ने का अवसर देते हैं, युवाओं को नशे से दूर रखने का आसान और बेहतर विकल्प खेल ही हैं।
मंत्री राव नरबीर मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में सातवें रामा अत्रे महिला टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करने के बाद खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन सीनियर महिला टीम और यू.टी. क्रिकेट एसोसिएशन, चंडीगढ़ की महिला टीम से परिचय प्राप्त किया और दोनों टीमों की खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने जे.पी. अत्रे मेमोरियल क्रिकेट सोसाइटी (रजिस्टर्ड), हरियाणा द्वारा पिछले करीब 30 वर्षों से क्रिकेट को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बी.सी.सी.आई. से संबद्ध राज्य टीमों के बीच ऑल इंडिया महिला क्रिकेट टूर्नामेंट का लगातार आयोजन महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। ऐसे आयोजन युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करने के लिए बेहतर मंच प्रदान करते हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सोसाइटी द्वारा स्वर्गीय जे.पी. अत्रे वार्षिक पुरस्कार शुरू किया जाना भी सराहनीय पहल है। इसके माध्यम से प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों (कोच), खेल पत्रकारों और खेल मार्गदर्शकों को सम्मानित करने तथा खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति व वित्तीय प्रोत्साहन देने का प्रयास किया जा रहा है।
नमो क्रिकेट लीग युवाओं को खेलों से जोड़ने की बड़ी पहल
मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा में 17 सितंबर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू की गई नमो क्रिकेट लीग युवाओं को खेलों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। इस प्रतियोगिता में उत्तर भारत के 55 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया है। अकेले हरियाणा में ही करीब 30 हजार खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया।
कैबिनेट मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, अपने लक्ष्य के प्रति अनुशासित रहें और नशे तथा अन्य बुरी आदतों से दूर रहते हुए अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए करें।
उन्होंने कहा कि खेल का मैदान हमें सिर्फ जीतना ही नहीं सिखाता, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, टीम भावना और हार के बाद दोबारा खड़े होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि हर युवा के हाथ में खेल का सामान हो, आंखों में अपने लक्ष्य का सपना हो और मन में आगे बढ़ने का संकल्प हो।
इस दौरान सोसाइटी के संयोजक एवं पूर्व आई.ए.एस. श्री विवेक अत्रे, पंजाब के पूर्व डी.जी.पी. श्री चंद्रशेखर, आयोजन सचिव कैप्टन सुशील कपूर और आयोजन समिति के सदस्य भी मौजूद थे।
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