फ़सल ख़रीद में किसानों को किसी स्तर पर परेशानी न हो, फ़सल का उठान सुनिश्चित किया जाए” – मुख्यमंत्री

फ़सल ख़रीद और उठान पर मुख्यमंत्री के निर्देश
फ़सल ख़रीद में किसानों को किसी स्तर पर परेशानी न हो, फ़सल का उठान सुनिश्चित किया जाए – मुख्यमंत्री**

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैणी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य की मंडियों में ख़रीदी जा रही धान और बाजरे की फ़सल का तुरंत प्रभाव से उठान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडियों में ख़रीद से लेकर उठान और भुगतान तक की पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में ख़रीफ़ फ़सलों की ख़रीद प्रक्रिया की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अब तक 5 लाख क्विंटल धान की ख़रीद

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य में जारी ख़रीफ़ फ़सलों की ख़रीद प्रक्रिया के तहत अब तक 5 लाख क्विंटल धान की ख़रीद की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में आवक बढ़ने के साथ-साथ उठान की व्यवस्था भी उसी गति से सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडियों में अनावश्यक स्टॉक जमा न हो और किसानों को अपनी फ़सल लाने में कोई समस्या न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि इस वर्ष हरियाणा के किसानों को बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिले। इस वर्ष सरकार द्वारा बाजरे की ख़रीद 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। यदि किसी किसान को खुले बाज़ार में 2,300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक का भाव मिलता है, तो बिक्री मूल्य और 2,900 रुपये के एम.एस.पी. के बीच के अंतर की भरपाई भावांतर भरपाई योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। सरकार द्वारा भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष खुले बाज़ार में बाजरा लगभग 2,235 रुपये प्रति क्विंटल की औसत दर पर बिक रहा है। इसके अलावा बाजरे की ख़रीद निजी डीलरों द्वारा भी की जा रही है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष बाजरा ख़रीद के लिए सरकार द्वारा पहले 2,150 रुपये और बाद में 2,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई थी। सरकार और आढ़तियों द्वारा निर्धारित ख़रीद मूल्य तथा 2,900 रुपये प्रति क्विंटल के एम.एस.पी. के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा अलग से की गई थी।

**प्रशासनिक सचिव मंडियों का दौरा कर रिपोर्ट दें**

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए कि वे स्वयं मंडियों का दौरा करके ख़रीद, उठान और किसानों की सुविधाओं की ज़मीनी स्थिति का जायजा लें और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपें। वरिष्ठ अधिकारी मंडियों में जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करें। इसके अलावा, ख़रीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रत्येक मंडी में एच.सी.एस. (HCS) स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राइस मिलरों के पास पिछले वर्ष ख़रीदा गया धान बचा हुआ है, उसे लेकर विभाग के अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है। व्यापारियों की सुविधा के लिए 2,777 रुपये प्रति क्विंटल की राशि निर्धारित की गई है।

बैठक में मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, एम.डी. हैफेड चंद्रशेखर खरे, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति डॉ. अंशज सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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### 2. मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी द्वारा शिकायतों के निवारण की समीक्षा

**विशेष अधिकारी (शिकायत एवं निवारण) ने महिला एवं बाल विकास विभाग और खेल विभाग की सी.एम. विंडो व जनसंवाद में आई समस्याओं को लेकर नोडल अधिकारियों की बैठक ली**

**संबंधित अधिकारियों और शिकायतकर्ताओं से सीधे फ़ोन पर बात कर विस्तार से जानकारी ली**

**लंबित शिकायतों का निपटारा अगली बैठक से पहले सुनिश्चित किया जाए – खड्डरी**

**चंडीगढ़, 7 अक्टूबर —** हरियाणा के मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी (शिकायत एवं निवारण) श्री भोपाल सिंह खड्डरी ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा खेल विभाग की सी.एम. विंडो और जनसंवाद में आई समस्याओं को लेकर नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि इन समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी तत्परता से काम करें ताकि लोगों को इसका जल्द लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि सी.एम. विंडो और जनसंवाद में आने वाली समस्याओं की मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैणी स्वयं मॉनिटरिंग और निगरानी कर रहे हैं। इसलिए अधिकारी ऐसी समस्याओं के प्रति गंभीरता से काम करें और उनकी ए.टी.आर. (ATR) भी तय समय पर फ़ाइल करना सुनिश्चित करें ताकि पोर्टल पर समस्या का निपटारा लंबित न रहे।

खेल विभाग की समस्याओं की समीक्षा करते हुए श्री भोपाल सिंह खड्डरी ने संबंधित अधिकारियों और शिकायतकर्ता से सीधे फ़ोन पर बात करके विस्तार से जानकारी ली। अंबाला के शमशेर सिंह द्वारा ग्रेडेशन सर्टिफ़िकेट जारी करवाने का अनुरोध किया गया था। जबकि विभाग द्वारा उसी समय 5 अन्य खिलाड़ियों को जारी कर दिए गए, लेकिन शमशेर सिंह को ग्रेडेशन सर्टिफ़िकेट जारी नहीं किया गया। फ़ोन पर जानकारी लेने के दौरान विशेष अधिकारी को अवगत कराया गया कि उनके मामले में संबंधित अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लागू की जा रही हरिहर योजना के बारे में भी आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाए। हरिहर योजना हरियाणा सरकार की एक अनूठी और संवेदनशील पहल है, जिसे बेसहारा, अनाथ और आत्मसमर्पण किए गए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और रोज़गार के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को सहायता के अलावा ग्रुप सी और ग्रुप डी की नौकरियों में प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। पात्र युवाओं को इस योजना का लाभ देना सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कोई भी युवा इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि कई मामलों में खेल विभाग और अन्य विभागों में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इसलिए बेहतरीन काम करने वाले नोडल अधिकारियों को मुख्यमंत्री की ओर से प्रशंसा पत्र दिलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) के मामलों पर भी अधिकारी काम करें ताकि किसी भी खिलाड़ी का वज़ीफ़ा लंबित न रहे। उन्होंने मोतीलाल नेहरू स्कूल के संबंध में आई सी.एम. विंडो शिकायत का भी जल्द निवारण करने के निर्देश दिए।

श्री खड्डरी ने राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2022 में स्वर्ण पदक लाने वाले खिलाड़ियों को नकद इनाम और अन्य सहायता पर संज्ञान लेते हुए कहा कि जल्द ही इस संबंध में मुख्यमंत्री से बातचीत करके समाधान करवाया जाएगा।

उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का निपटारा इस बैठक में आने से पहले तक नहीं हुआ है, उन शिकायतों का निपटारा अगली बैठक से पहले करना सुनिश्चित किया जाए। अगली बैठक दो सप्ताह में आयोजित की जाएगी।

मंत्री श्रुति चौधरी द्वारा अनाज मंडी का निरीक्षण
श्रुति चौधरी की अफ़सरों को हिदायत: मंडी में गेट पास से लेकर फ़सल भुगतान तक किसानों को न हो कोई परेशानी**

कहा- किसानों की सुविधा और सुचारू फ़सल ख़रीद सरकार की प्राथमिकता**
हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में फ़सल बेचने आने वाले किसानों को गेट पास से लेकर फ़सल ख़रीद, माप-तौल, उठान और फ़सल की कीमत के भुगतान तक किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए।

श्रीमती श्रुति चौधरी ने आज भिवानी अनाज मंडी का दौरा करके फ़सल ख़रीद और किसानों के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मंडी में एक किसान के गेट पास की बायोमेट्रिक प्रक्रिया स्वयं करवाकर पूरी व्यवस्था की जांच की।

उन्होंने मंडी में फ़सल में नमी की जांच, ख़रीद प्रक्रिया और अन्य प्रबंधों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मार्केट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फ़सल ख़रीद की पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने मंडी में बिजली और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा शौचालयों की सफ़ाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने ख़रीद सीज़न के दौरान कैंटीन नियमित रूप से चलाने और किसानों को स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए कहा।

उन्होंने अधिकारियों को मंडी के प्रबंधों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि ख़रीद सीज़न के दौरान किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की सुविधा और सुचारू फ़सल ख़रीद सरकार की प्राथमिकता है और मंडियों में ख़रीद प्रक्रिया से जुड़े हर स्तर पर आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

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