हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के पास SIR के विरोध में रैली करने के लिए साल के 365 दिन थे, लेकिन 1 नवंबर की तारीख चुनने पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के पास SIR के विरोध में रैली करने के लिए साल के 365 दिन थे, लेकिन 1 नवंबर की तारीख चुनने पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर पार्टी को अपनी बात रखने का अधिकार है और हम इसका सम्मान करते हैं। लेकिन कांग्रेस ने आखिर इसी तारीख को क्यों चुना? 1 नवंबर 1984 वही तारीख है, जब दिल्ली में सिख विरोधी हिंसा का भयानक दौर शुरू हुआ था। हजारों सिख परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया था और वह दर्द आज भी उनके दिलों में जिंदा है। तारीखें सिर्फ कैलेंडर में ही नहीं, बल्कि देश की यादों में भी दर्ज होती हैं। फिर ठीक वही दिन क्यों चुना गया, जो सिख समाज की सबसे दर्दनाक याद से जुड़ा हुआ है? जिस दिन सिख समाज अपने शहीदों को याद करके सिर झुकाता है, उस दिन कांग्रेस मंच सजाकर नारे लगाएगी? अगर यह इत्तेफाक है, तो कांग्रेस को खुलकर कहना चाहिए और सिख समाज की भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। अगर यह इत्तेफाक नहीं है, तो यह और भी गंभीर विषय है। दोनों ही स्थितियों में जवाबदेही कांग्रेस की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 नवंबर सिख समाज के लिए शोक और याद का दिन है। उस दिन अगर राजनीतिक नारों और शोर-शराबे से उन यादों पर पर्दा डालने की कोशिश की जाती है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। 1984 के पीड़ितों के प्रति हमारी भावना राजनीति की नहीं, बल्कि संवेदना और कर्तव्य की है। पीड़ितों के साथ खड़े होना कोई अहसान नहीं, यह हमारा धर्म है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2015 में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन करके 1984 के बंद पड़े मामलों की जांच का रास्ता फिर से खोला गया। इसी प्रक्रिया के तहत कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा हुई। उन्होंने कहा कि जब सालों से बंद पड़ी फाइलें खुलीं, तभी पीड़ितों के लिए न्याय की उम्मीद भी मजबूत हुई।

उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब गलियारा खुलने से संगत की दशकों पुरानी अरदास पूरी हुई। साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने के लिए 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ घोषित किया गया। इसके साथ ही सेवा भोज योजना के तहत गुरुद्वारों के लंगर पर लगने वाले GST की प्रतिपूर्ति (रीइंबर्समेंट) की व्यवस्था भी की गई। ये कदम सिख समाज की आस्था, सेवा और बलिदान की परंपरा के प्रति सम्मान को दर्शाते हैं।

**हरियाणा में 1984 की हिंसा के पीड़ित 121 परिवारों को सरकारी नौकरी देने का फैसला उनके सम्मानजनक पुनर्वास की ओर एक कदम:**

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में भी 1984 की हिंसा ने गहरे जख्म दिए थे। राज्य में 121 लोगों की जान गई, जबकि 20 गुरुद्वारे, 221 घर, 154 दुकानें और 57 कारखाने जला दिए गए थे। इन परिवारों के नुकसान की भरपाई कोई भी कदम पूरी तरह से नहीं कर सकता, लेकिन सरकार ने उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए विधानसभा में फैसला लिया कि इन 121 परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाएगी, ताकि वे सम्मान के साथ अपना जीवन आगे बढ़ा सकें।

उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को दशकों तक अपने अधिकारों और न्याय के लिए इंतजार करना पड़ा, उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाना सरकार का कर्तव्य है। सिख समाज के दर्द को समझना और उसके इतिहास व बलिदान का सम्मान करना जरूरी है।

सरदार त्रिलोचन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके नेता हैं। उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से हथियारों के साथ बूथ कैप्चरिंग के लिए भेजे जाने को लेकर दिए गए बयान ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेतृत्व को इस बयान पर अपना स्पष्ट रुख रखना चाहिए और देश को बताना चाहिए कि वह अपने ही नेता के कथन को स्वीकार करती है या इसका खंडन करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ किसी विपक्षी पार्टी द्वारा लगाया गया आरोप नहीं है, बल्कि कांग्रेस से जुड़े रहे एक नेता का सार्वजनिक बयान है। लोकतंत्र में ऐसे गंभीर सवालों के जवाब देना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। कांग्रेस को सफाई देने के बजाय यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके नेता ने जो कहा है, उस पर पार्टी का क्या रुख है।

#NayabSinghSaini #CongressMustAnswer #TrilochanSingh #PoliticalAccountability #DemocracyFirst #HaryanaPolitics #PoliticalEthics #PublicStatement #CongressExposed #SainiAttacksCongress #AnswerTheNation #PoliticalTruth #DemocraticValues #HaryanaCM #TruthExposed #PoliticalDebate #SainiVsCongress #DemandAnswers #OppositionQuestions #DemocraticDuty #PoliticalNews #HaryanaUpdates #AccountabilityInPolitics #SainiSpeaks #NationalPolitics #DemocracyInIndia #PoliticalClarity #PublicAnswers #CongressStance #QuestioningCongress #PoliticalIntegrity #HaryanaNews #DebateAndDemocracy #LeadershipSpeaks #PoliticalResponsibility #SainiPresser #CleanPolitics #PoliticalDynamics #AssemblyElections #PublicAccountability #PoliticalStatements #HaryanaGovernance #RuleOfLaw #PoliticalDiscourse #DemocraticRights #StatePolitics #CurrentPolitics #TransparencyInPolitics #NationalIssues #PoliticalUpdate

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *