मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण आंचल में छोटे स्तर के विकासात्मक कार्यों को गति देने के लिए विश्वविद्यालयों के विशेषतौर पर इंजीनियरिंग के छात्रों को ऐसे कार्यों से जोड़ा जायेगा। गांव में छोटे स्तर के विकास कार्यों जैसे की गलियों का निर्माण व इनकी मरम्मत, शिवधाम की मरम्मत आदि के रफ एस्टीमेट बनवाने के लिए इन छात्रों की सेवाएं ली जाएंगी ताकि जन संवाद पर ऐसे सभी कार्यों को लेकर आई मांगों की विकास परियोजनाओं को गति दी जा सके। हालांकि ऐसे सभी कामों को संबंधित विभाग के अधिकारी ही अंतिम रूप देंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने राज्य वित आयोग व केन्द्रीय वित आयोग के अनुदान के खर्च व उपयोग, जिला परिषद, ग्राम पंचायत व पंचायत समिति में विकास कार्यों, अमृत सरोवर व अमृत प्लस सरोवर आदि की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही विकास परियोजनाओं की मैपिंग को लेकर भी चर्चा की।
बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनिल मलिक, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक श्री डी के बेहरा, निदेशक ग्रामीण विकास डा. जे के आभीर सहित प्रदेश के सभी जिलों से आए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद व जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी भी उपस्थित थे।










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