मनोनीत पार्षदों को मताधिकार मिला तो 43 होगी संख्या; सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में प्रशासन
चंडीगढ़ नगर निगम मेयर की जंग रोचक होती जा रही है। अब इस मामले में एक नया मोड़ आने की उम्मीद है। सूत्रों से पता चला है कि 6 साल पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मनोनीत पार्षदों के वोट करने पर रोक लगा दी थी। इसको चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया गया था। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट की तरफ से हाईकोर्ट के फैसले पर कोई स्टे नहीं दिया था और न ही उस पर कोई फैसला सुनाया।










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