“राष्ट्रमंडल खेल 2026: भारत को 2022 में मिले 61 पदकों में से आधे पदक भी क्यों नहीं मिल सकते।”

2026 राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games) आ चुके हैं, और भारत को अपने पिछले 61 पदकों के रिकॉर्ड को और बेहतर करने की उम्मीद है। हालांकि, इस साल टूर्नामेंट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, क्योंकि भाग लेने वाले खेलों की संख्या को लगभग आधा करके 19 से घटाकर 10 कर दिया गया है। यह बदलाव विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया) द्वारा बढ़ती लागतों के कारण 2026 संस्करण की मेजबानी से पीछे हटने के बाद किया गया था। इस स्थिति ने ग्लासगो को काफी कम बजट और 10 खेलों के एक संक्षिप्त प्रारूप के साथ आगे आने के लिए प्रेरित किया।

यदि हम 2026 के संस्करण की तुलना 2022 से करें, तो कुल नौ खेलों को सूची से हटा दिया गया है, जिनमें भारत के लगभग सभी पारंपरिक मुख्य खेल शामिल हैं:

कुश्ती (Wrestling): हटा दी गई (2022 में 6 स्वर्ण सहित 12 पदक मिले थे)
बैडमिंटन (Badminton): हटा दिया गया (2022 में 3 स्वर्ण सहित 6 पदक मिले थे)
टेबल टेनिस (Table Tennis): हटा दिया गया (पैरा टीटी सहित 7 पदक मिले थे)
हॉकी (Hockey): हटा दी गई (2 पदक मिले थे – पुरुष टीम को रजत, महिला टीम को कांस्य)
क्रिकेट (महिला) (Cricket – Women’s): हटा दिया गया (1 रजत पदक मिला था)

ग्लासगो में हटाए गए खेलों का बर्मिंघम (2022) में भारत द्वारा जीते गए 61 पदकों में से कुल 28 पदकों का योगदान था। इसलिए, भारत के लिए इस बार 30 पदकों के आंकड़े को पार करना भी काफी मुश्किल होने वाला है।

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