Haryana , date 16-04-2024
भारत में गन्ने की फसल खूब उगाई जाती है. भारत दुनिया में चीनी का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है. किसानों के लिए गन्ना नकदी फसल के रूप में प्रमुख भूमिका निभाता है. किसानों को कई बार सटीक जानकारी न होने के कारण उन्हें फसल की अच्छी पैदावार नहीं मिल पाती है. आज इस खबर माध्यम से आपको मिलेगी गन्ने की पूरी जानकारी.
गन्ना बुवाई से पहले इन चीजों का अवश्य ध्यान रखें
गन्ने की बुवाई करने से पहले खेत की 3 से 4 बार जुताई अवश्य कर लेनी चाहिए. किसान भाई गन्ना बुवाई से पहले खेत को तैयार करते समय उसमें गोबर की खाद भी डाल सकते हैं, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ेगी. गन्ने की बुवाई करते समय खेत में पर्याप्त नमी होना बहुत ही जरूरी है. गन्ने को बोते समय बीज उपचार जरूर कर लें. इसी के साथ DAP और एनपीके खाद का भी प्रयोग कर सकते हैं साथ ही साथ कीटनाशक भी डाल दें जिससे कि गन्ने में फंफूद वगैरह लगने की समस्या न रहे.
अपने ही खेत में तैयार करें बीज
किसान भाइयों को चाहिए कि वह अपने ही खेत में गन्ने का बीज तैयार करें. इस दौरान इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि उसमें कीट और बीमारी नहीं होनी चाहिए.अब आपको इन तैयार किए हुए बीज की बुवाई 8 से 10 महीने में करनी है, तो उसका जमाव 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा होगा. इस दौरान बीज को जीवाणु रहित करने के लिए बाविस्टिन का घोल बनाकर उसे डीप करके बुवाई करें.
इस कीटनाशक का गन्ने में करें उपयोग
किसानों के अनुसार, कोराजन गन्ने की खेती के लिये एक बेहतरीन कीटनाशक है. इसके उपयोग से न केवल गन्ने की फसल अच्छी होती है, बल्कि गन्ना लंबा और मोटा भी पैदा होता है. इसलिए इन दिनों किसान गन्ने की फसल के लिये कोराजन का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं.










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