बैठक में हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की अध्यक्षा श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा ने बताया कि प्राधिकरण ने उद्योग, खनन और बुनियादी ढांचे/वाणिज्यिक संस्थाओं को भूजल दोहन के लिए एनओसी देने के लिए इन-हाउस ऑनलाइन सॉफ्टवेयर विकसित किया है। अब तक लगभग 3022 आवेदकों को वर्षा जल संचयन और गैर-पीने योग्य उपयोग के लिए उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग सुनिश्चित करके जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग की सशर्त अनुमति दी है।
इससे प्राधिकरण ने 142.80 करोड़ रुपये टैरिफ व आवेदन शुल्क के रूप में प्राप्त किए हैं। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे समर्पित प्रयासों के लिए प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की सराहना की।
श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा ने बताया कि वर्ष 2022-23 के दौरान, प्राधिकरण ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को जल संरक्षण परियोजनाओं के लिए 65.01 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।










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