अस्पताल ने एक भी रुपया नहीं लिया, आयुष्मान कैशलेस इलाज से परिवारों को राहत मिली

चंडीगढ़, 22 अगस्त – हरियाणा सरकार आयुष्मान भारत-हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण प्राधिकरण के माध्यम से राज्य में 45 लाख से अधिक पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इनडोर उपचार प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) और चिरायु को क्रियान्वित कर रही है।

प्राधिकरण के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए), हरियाणा से सेवाएं वापस लेने के आह्वान के संबंध में प्राप्त संचार के जवाब में, यह सूचित किया जाता है कि सूचीबद्ध स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को सभी लंबित भुगतान एनएचए, भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार सख्ती से संसाधित और वितरित किए जा रहे हैं। यह आश्वासन दिया जाता है कि सभी बकाया राशि का बिना किसी देरी के भुगतान किया जाएगा, जिसमें छोटे अस्पतालों/स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य के सूचीबद्ध अस्पतालों के बकाया भुगतान के लिए पर्याप्त धनराशि स्वीकृत और प्राप्त हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि अब तक, जून 2025 के दूसरे सप्ताह तक जमा किए गए दावों का भुगतान किया जा चुका है। योजना की शुरुआत से अब तक अस्पतालों को 3,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 18 अगस्त, 2025 तक केंद्र और राज्य सरकारों से लगभग 480 करोड़ रूपये प्राप्त हुए हैं और पात्र दावा निपटान के लिए इसका पूर्ण उपयोग किया गया है। 5 अगस्त, 2025 से राज्य के सूचीबद्ध अस्पतालों को 225 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। चिरायु योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित भुगतान के लिए राज्य सरकार द्वारा 291 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी करने की मंजूरी दी गई है।

हाल ही में विभिन्न जिलों से आयुष्मान/चिरायु कार्ड के माध्यम से निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की कई सफलता की कहानियां सामने आई हैं।

मेवात के गांव मोहम्मदपुर अहीर निवासी 18 वर्षीय परीक्षा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को आयुष्मान भारत योजना शुरू करने के लिए धन्यवाद किया। ‘‘मैं लंबे समय से कान में दर्द और कान से पानी बहने की समस्या से पीड़ित था। मैंने कई उपचार करवाए, लेकिन मुझे राहत नहीं मिली। मैंने कई डॉक्टरों से सलाह ली। कुछ डॉक्टरों ने बहुत ज्यादा पैसे मांगे, लेकिन मैं उन्हें पैसे देने की स्थिति में नहीं था। फिर मुझे आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के बारे में पता चला। इस योजना के तहत मेरी सर्जरी हुई। ऑपरेशन सफल रहा और अब मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूँ। अस्पताल ने मुझ से इलाज के लिए कोई पैसा नहीं लिया।‘‘

मेवात क्षेत्र के निवासी साबिर के परिवार में पांच बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा आर्यन सरकारी स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ता है। आर्यन के दिल में छेद (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट-एएसडी) का निदान किया गया। डॉक्टरों ने कहा कि उसकी जान बचाने के लिए तत्काल सर्जरी जरूरी है। आयुष्मान भारत योजना उनके लिए संजीवनी बनकर आई। 14 अगस्त, 2025 को आर्यन का एएसडी क्लोजर (हार्ट सर्जरी) सफलतापूर्वक हुआ और 19 अगस्त को वह स्वस्थ होकर घर लौट आए। इलाज, दवाइयां और भोजन-सब कुछ पूरी तरह से निःशुल्क था। “मेरी छोटी सी दुकान से ही हमारा घरेलू खर्च चलता है। उनके पिता साबिर ने योजना शुरू करने के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘‘अगर आयुष्मान भारत योजना नहीं होती तो मेरे बेटे का इलाज कराना असंभव हो जाता।‘‘

इस बीच, दावा प्रस्तुत करने में सूचीबद्ध अस्पतालों द्वारा की गई अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए, 18 और 20 अगस्त 2025 को राज्य भर के विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। प्रवक्ता ने कहा कि यदि ऐसे औचक निरीक्षणों के दौरान कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमों/दिशा-निर्देशों के अनुरूप सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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