चुनाव से पहले भाजपा ने बदली अपनी रणनीति, अब मिशन मेरिट से नैया पार लगने की आस

हरियाणा लोकसभा की अधिकतर सीटों को जीतने के लिए भाजपा ने मतदान से चंद दिन पहले अपनी रणनीति बदल दी है। राम मंदिर और अनुच्छेद 370 के केंद्रीय मुद्दों के यहां कमजोर पड़ने के बाद अब भाजपा स्थानीय स्तर के मुद्दों पर आ गई है।

प्रचार को धार देने के लिए स्थानीय मुद्दों में खासकर पिछले नौ साल में बिना पर्ची और खर्ची के युवाओं को दी गई नौकरियों को भाजपा ने प्रमुख मुद्दा बनाया है। इसी मुद्दे को हथियार बनाकर भाजपा जहां अब कांग्रेस पर हमलावर हो गई है, वहीं लाखों उन युवाओं जिनको नौकरियां मिली है और लाखों वे युवा जिनको नौकरी की आस है और उनके परिवारों को साधने की कोशिश की जा रही है। अगले एक सप्ताह में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता उन सभी 1.30 लाख युवाओं के घर दस्तक देने वाले हैं, जिनकी इस सरकार में सरकारी नौकरियां लगी हैं। सरकार के पास सभी युवाओं और उनके परिवार का पूरा डाटा है।

इस खास अभियान के पीछे मकसद साफ है कि जिन युवाओं को बिना पर्ची और खर्ची के नौकरियां मिली हैं, उनको याद दिलाना है कि उनको नौकरियां भाजपा के मिशन मेरिट से मिली है। वहीं, जिन युवाओं और परिवारों में नौकरयां नहीं मिल पाई हैं, उनको संदेश देना कि बिना पहचान और सिफारिश के नौकरियां भाजपा ही दे सकती है।

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