कृषि विभाग ने विभिन्न सुधारात्मक उपायों को अपनाकर कुल 1,73,369 करोड़ लीटर पानी की बचत की

बैठक में श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि द्विवार्षिक जल संसाधन कार्य योजना (2023-2025) के तहत अभी तक प्राप्त सफलताओं में 2,45,493 एकड़ क्षेत्र में डीएसआर तकनीक से धान की सीधी बिजाई, 2,44,464 एकड़ में फसलों की किस्मों में सुधार, सूक्ष्म सिंचाई को अपनाना तथा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा  बाढ़ के पानी के संरक्षण के लिए 26 जल भण्डारों का निर्माण करना शामिल है।

उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने विभिन्न सुधारात्मक उपायों को अपनाकर कुल 1,73,369 करोड़ लीटर पानी की बचत की है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने चैनलों का आधुनिकीकरण/पुनर्वास, बाढ़ के पानी का उपयोग करने हेतु नए भंडारण बनाना, उपचारित अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग करके, चेक बांधों का निर्माण इत्यादि करके 16,627 करोड़ लीटर पानी की बचत की है। इसके अलावा, विभिन्न विभागों ने ट्रीटेड वेस्ट वॉटर का उपयोग बढ़ाया है, जिसके फलस्वरूप लगभग 5 हजार करोड़ लीटर पानी की बचत की है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अरूण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के सलाहकार (सिंचाई) श्री देवेंद्र सिंह, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री पंकज अग्रवाल, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री विकास गुप्ता, मुख्यमंत्री की अतिरिक्त प्रधान सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ और कृषि विभाग के निदेशक श्री राजनारायण कौशिक, हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री प्रभाकर कुमार वर्मा, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. बी आर कंबोज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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