हरियाणा सरकार ने सोमवार को कहा कि राज्य साइबर अपराध से निपटने में देश के अग्रणी राज्यों में से एक बनकर उभरा है। मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से राज्य ने साइबर धोखाधड़ी की 31% रकम वापस दिलाने (फंड रिस्टोरेशन) की दर दर्ज की है, जो कि 3.85% के राष्ट्रीय औसत से आठ गुना अधिक है।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 18 महीनों में अकेले साइबर हॉटस्पॉट ‘नूंह’ से 927 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच 9,100 पुलिसकर्मियों को साइबर जांच का प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने एक समीक्षा बैठक की और बदलते डिजिटल खतरों से आगे रहने के लिए तकनीक-संचालित पुलिसिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए। प्रवक्ता ने बताया, “बैठक में हरियाणा के चिन्हित साइबर अपराध हॉटस्पॉट नूंह में संगठित साइबर अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।” जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच, हरियाणा पुलिस ने स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए 473 एफआईआर दर्ज कीं, 927 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया और नूंह से 751 मोबाइल फोन व 1,442 सिम कार्ड जब्त किए।
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