चंडीगढ़, 23 सितम्बर- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में जीएसटी पर घटोतरी लागू कर एक नया आयाम स्थापित किया है । इस व्यवस्था से आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर हरियाणा की परिकल्पना साकार होगी। नई जीएसटी व्यवस्था से गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं, किसानों, व्यापारियों सहित सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जीएसटी पर घटोतरी लागू कर देशवासियों को तोहफा दिया है।
श्री पंवार मंगलवार को जींद में नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफाॅम्र्स और जीएसटी बचत उत्सव को लेकर प्रैस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने स्थानीय हीरो एजेंसी, महिंद्रा, बजाज तथा स्वराज एजेंसियों में जाकर वाहन खरीद रहे उपभोक्ताओं से बातचीत की। इस मौके पर उपभोक्ताओं ने खुशी व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री को कहा कि नई जीएसटी व्यवस्था से त्यौहार के सीजन में हजारों से लेकर लाखों रुपये की बचत हुई है जिससे आमजन को राहत मिली है।
उन्होंने सभी को नवरात्रों पर्व की बधाई देते हुए कहा कि इन नवरात्रों से देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। अगली पीढ़ी के लिए जीएसटी की नई व्यवस्था लागू हो गई है। इस व्यवस्था से कारोबार को और आसान व निवेश को और आकर्षक बना सकते है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और राज्य के प्रयासों का परिणाम है कि देश दर्जनों करों के जाल से मुक्त हुआ है और एक राष्ट्र- एक कर का सपना साकार हुआ है। हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है जीएसटी परिषद ने वर्तमान सुधारों में कृषि और किसान दोनों का ख्याल रखा है। विशेष रूप से फसल अवशेष प्रबंधन में उपयोग होने वाले कृषि उपकरणों पर जीएसटी की दरों को कम किया है। पैकेट दुध, पनीर पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है जबकि घी, मक्खन व सुखे मेवों पर दरें 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है। रोठी, परांठा जैसे रोजमर्रा के खाद्य प्रदार्थों पर जीएसटी पूरी तरह से खत्म किया गया है। इससे पारंपरिक खाद्य व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा साथ ही हरियाणा के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। जैव- कीटनाशकों और उर्वरक इनपुट्स जैसे कि अमोनिया, सल्फ्यूरिक , एसिड और नाइट्रिक एसिड पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होगी जिससे इनपुट लागत कम होगी और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर और ट्रैक्टर पुर्जों पर जीएसटी कम की गई है। 1800 सीसी से कम क्षमता वाले ट्रैक्टरों पर जीएसटी दर 12 से घटाकर 5 प्रतिशत की है जबकि 1800 से अधिक इंजन क्षमता वाले ट्रैक्टरों की दर 28 से घटाकर 18 कर दी गई है। यह कदम प्रगतिशील किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा और खेती में आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। वस्त्र क्षेत्र में भी उद्योग और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए जीएसटी की दरों को युक्तिसंगत बनाया गया है। धागे और कपड़े जैसे प्रमुख कपड़ा इनपूट्स पर जीएसटी की दरों को 12 से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी प्रकार सिलाई मशीन की दरों को भी 5 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है, इससे प्रीमियम की लागत कम होगी और परिवारों को अधिक वित्तीय सुरक्षा और अधिक किफायती उपचार तक पहुंच भी मिलेगी। छोटी कारों में पेट्रोल के लिए 1200 सीसी तक तथा डीजल के लिए 1500 सीसी तक इंजन क्षमता वाली कारों की दरों को 28 से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। सीमेंट पर भी जीएसटी की दरों को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 कर दिया गया है। इससे निर्माण लागत कम होगी और हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और मकान बनाना आसान होगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी ने हमारी कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बना दिया है। इसने राज्यों के बीच व्यापार में आने वाली बाधाओं को भी दूर किया गया है और एक राष्ट्र- एक कर- एक बाजार की परिकल्पना को साकार किया है। वर्ष 2024-25 में हरियाणा कुल सकल जीएसटी संग्रह में देश के प्रमुख राज्यों में 5वें स्थान पर रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री, केन्द्रीय वित्त मंत्री और जीएसटी परिषद के सदस्यों का आभार प्रकट किया और कहा कि उनकी दूरदर्शिता और जनहितकारी सोच ने इन परिवर्तनकारी और कल्याणकारी निर्णयों को संभव बनाया है।










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