चंडीगढ़, 10 फरवरी- हरियाणा के पंचायत एवं विकास मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राजकीय स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थी भी आईएएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को उर्तीण कर रहे है। इन स्कूलों से आईएएस और अन्य उच्च पदों को हासिल करने के सैकड़ों उदाहरण सबके सामने है। इसलिए अभिभावकों को अपने बच्चों को राजकीय स्कूलों में शिक्षा के लिए भेजना चाहिए।
कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार आज कुरुक्षेत्र के गांव कनीपला के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित परीक्षा पर चर्चा -2025 कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने दीप शिखा प्रज्ज्वलित करके विधिवत रूप से परीक्षा पर चर्चा-2025 कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ऑन लाइन प्रणाली के माध्यम से देश के करीब साढे तीन करोड़ विद्यार्थियों को परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के 8वें अंक के दौरान तनाव मुक्त होकर परीक्षा देने के टिप्स दिए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षाओं के दौरान खूब पढऩा चाहिए और बिना तनाव के परीक्षा देनी चाहिए। सभी विद्यार्थियों का एक लक्ष्य होना चाहिए कि पढ़कर अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित करें, न कि अधिक से अधिक अंक हासिल करें।
कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी विद्यार्थियों को परीक्षा पर चर्चा जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से प्रेरित करने का काम कर रहे है। इन परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक रूप से तनाव में नहीं रहना है, बच्चे स्कूल में खेलें, कूद और निरंतर कक्षाएं लगाकर ज्ञान अर्जित करें तथा तनाव मुक्त होकर परीक्षाएं दे। इससे सभी विद्यार्थियों के अच्छे परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी दिनचर्या पर पूरा फोकस रखना चाहिए और किसी प्रकार की लापरवाही भी नहीं बरतनी चाहिए। इस समय विद्यार्थी को अपने सारे कार्य समय पर करने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य निर्धारित कर सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरा आत्मविश्वास मन में रखना होगा और परीक्षा को पर्व की तरह मनाना चाहिए, न कि तनावग्रस्त होकर रहना चाहिए। बच्चों को परीक्षाओं के दौरान अगर कोई समस्या आती है तो वह शिक्षकों, अभिभावकों या दोस्तों से साझा करनी चाहिए ताकि समस्या का समाधान संभव हो सके।










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